
यहां के सरैया प्लास्टिक सर्जरी एंड बर्न्स अस्पताल के प्लास्टिक और कास्मेटिक सर्जन डॉ. हेमंत सरैया ने बताया कि कटे अंगूठे की चमड़ी को निकालकर हड्डी को रॉड के सहारे हाथ में फिट किया गया। लगातार खून मिल सके, इसके लिए जांघ की चमड़ी को थोड़ा काटकर वहां अंगूठे को पट्टी बांधकर जोड़ दिया गया।
21 दिन रखा जांघ के पास : इस ऑपरेशन के बाद हाथ को जांघ के पास करीब 21 दिनों तक रखा गया। हालांकि इस पद्धति से अंगूठा तो ठीक हो गया, लेकिन उसमें कभी नाखून नहीं आ पाएगा।
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